बिहार में शुरू हुई “नवजात आधार सेवा” – अब हर बच्चे को मिलेगा आधार और हेल्थ कार्ड, जानें आवेदन का आसान तरीका और ज़रूरी डॉक्यूमेंट
बिहार सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए नवजात शिशुओं के लिए आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले जहाँ बच्चे का आधार कार्ड तब बनता था जब वह एक वर्ष का हो जाता था, वहीं अब यह सुविधा जन्म के सिर्फ एक महीने के भीतर ही उपलब्ध होगी। राज्य के एक लाख से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों में यह योजना लागू की जा रही है ताकि हर बच्चे की पहचान जन्म के समय ही सुनिश्चित की जा सके। इस पहल का मुख्य उद्देश्य है कि केंद्र और राज्य सरकार की सभी योजनाओं का लाभ बच्चों तक सीधे और समय पर पहुंचे।
यह नई व्यवस्था महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से शुरू की गई है, जिसमें नवजात शिशुओं का डेटा स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के साथ साझा किया जाएगा। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि बिहार में न्यू बॉर्न का आधार कार्ड कैसे बनवाएं, इसके लिए आवश्यक दस्तावेज, आवेदन की प्रक्रिया (ऑनलाइन व ऑफलाइन), और इससे मिलने वाले लाभ क्या हैं।
बिहार में नवजात शिशुओं का आधार क्यों जरूरी है?
आधार अब केवल एक पहचान पत्र नहीं, बल्कि डिजिटल भारत की रीढ़ बन चुका है। बच्चों के लिए आधार बनने से उन्हें कई सरकारी योजनाओं, टीकाकरण, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं का लाभ सीधे उनके नाम से मिलेगा। इसके अलावा, नवजात आधार से माता-पिता के आधार से लिंकिंग के माध्यम से पूरे परिवार की पहचान एक साथ दर्ज होगी, जिससे लाभ वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों में शुरू होगी आधार सेवा सुविधा
महिला एवं बाल विकास विभाग ने बिहार के सभी जिलों के आंगनबाड़ी केंद्रों में आधार एनरोलमेंट सेवा केंद्र शुरू करने का निर्णय लिया है। यहाँ पर नवजात बच्चों का आधार (बाल आधार) बनाया जाएगा।
- बच्चों का आधार उनके माता-पिता के आधार नंबर से लिंक किया जाएगा।
- राज्य की लगभग 7.56 लाख गर्भवती महिलाओं को इस नई योजना की जानकारी दी जा रही है।
- तैयार हुआ डेटा सीधे महिला एवं बाल विकास निगम, हेल्थ और एजुकेशन विभाग को भेजा जाएगा।
- इससे बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण से जुड़ी योजनाओं का लाभ सीधे बच्चों के नाम से मिलेगा।
नवजात को मिलेगा हेल्थ कार्ड का लाभ भी
आधार कार्ड बनने के बाद बिहार सरकार प्रत्येक नवजात को हेल्थ कार्ड भी देगी। इससे बच्चे का पूरा स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप से तैयार रहेगा।
हेल्थ कार्ड से लाभ:
- टीकाकरण का पूरा ट्रैक रिकॉर्ड रखा जाएगा।
- बच्चे को स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ मिलेगा।
- चिकित्सा जांच और सरकारी योजनाओं में प्राथमिकता मिलेगी।
पहले जहाँ लाभ माता-पिता के आधार पर दिया जाता था, वहीं अब बच्चे के स्वयं के आधार से लाभ सीधे बच्चे को मिलेगा।

नवजात शिशु का आधार कार्ड कैसे बनवाएं?
1. ऑनलाइन तरीका (Online Method)
यदि आप ऑनलाइन माध्यम से अपने नवजात का आधार बनवाना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:
- UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट https://uidai.gov.in पर जाएं।
- “My Aadhaar” सेक्शन में जाकर “Book an Appointment” पर क्लिक करें।
- शहर का नाम व मोबाइल नंबर डालें और OTP से वेरिफाई करें।
- नजदीकी आधार सेवा केंद्र के लिए तारीख और समय चुनें।
- माता या पिता का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराएं।
- बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक डॉक्यूमेंट अपलोड करें।
- प्रक्रिया पूरी होने के बाद बाल आधार आपके घर के पते पर भेज दिया जाएगा, या आप UIDAI वेबसाइट से डाउनलोड भी कर सकते हैं।
2. ऑफलाइन तरीका (Offline Method)
यदि आप ऑफलाइन प्रक्रिया अपनाना चाहते हैं, तो निम्नलिखित स्टेप्स फॉलो करें:
- अपने नजदीकी आधार एनरोलमेंट सेंटर पर जाएं।
- “नवजात आधार आवेदन फॉर्म” भरें।
- बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र, माता-पिता का आधार कार्ड, और अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करें।
- वेरिफिकेशन के बाद आपको Acknowledgment Slip मिलेगी।
- इस स्लिप से आप स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।
- बाल आधार कार्ड 60 से 90 दिनों के भीतर आपके घर पर पहुंच जाएगा।
आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
| क्रमांक | दस्तावेज का नाम | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र | नगरपालिका या हॉस्पिटल से जारी |
| 2 | माता-पिता का आधार कार्ड | बच्चे से लिंक करने के लिए अनिवार्य |
| 3 | पते का प्रमाण (Address Proof) | बिजली बिल, राशन कार्ड, आदि |
| 4 | मोबाइल नंबर | OTP वेरिफिकेशन हेतु आवश्यक |
न्यू बॉर्न आधार से मिलने वाले लाभ (Benefits of Newborn Aadhaar)
- सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ – पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य योजनाएं सीधे बच्चों के नाम से जुड़ेंगी।
- डिजिटल पहचान – हर बच्चे की यूनिक डिजिटल आईडी होगी।
- पारदर्शिता और सुविधा – माता-पिता के आधार से लिंक होने पर योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी।
- टीकाकरण और स्वास्थ्य निगरानी में आसानी – हर बच्चे का मेडिकल रिकॉर्ड एक ही जगह उपलब्ध रहेगा।
न्यू बॉर्न आधार कार्ड बनाने का उद्देश्य
इस पहल का सबसे बड़ा उद्देश्य शिशुओं की पहचान सुनिश्चित करना और उन्हें शुरुआत से सरकारी सेवाओं से जोड़ना है।
बिहार सरकार चाहती है कि कोई भी बच्चा कुपोषण, स्वास्थ्य सेवा या शिक्षा से वंचित न रहे। इसलिए, आधार के माध्यम से हर बच्चे को सरकारी सिस्टम से जोड़ा जा रहा है।
नवजात आधार योजना का भविष्य
बिहार में शुरू हुई यह योजना आगे चलकर पूरे देश में एक मॉडल के रूप में अपनाई जा सकती है। जैसे-जैसे डिजिटल इंडिया मिशन आगे बढ़ेगा, यह पहल जन्म के साथ ही डिजिटल पहचान प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगी।
MCQ क्विज (आधार कार्ड योजना से संबंधित)
Q1. बिहार में न्यू बॉर्न का आधार कब से बनना शुरू हुआ?
A. 1 वर्ष की उम्र के बाद
B. जन्म के तुरंत बाद
C. 5 वर्ष की उम्र में
D. स्कूल जाने के बाद
उत्तर: B. जन्म के तुरंत बाद
Q2. आधार सेवा केंद्र कहाँ खोले जा रहे हैं?
A. स्कूलों में
B. ब्लॉक ऑफिस में
C. आंगनबाड़ी केंद्रों में
D. पंचायत भवन में
उत्तर: C. आंगनबाड़ी केंद्रों में
Q3. हेल्थ कार्ड से बच्चों को क्या लाभ होगा?
A. राशन मिलेगा
B. स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार होगा
C. स्कूल में प्रवेश मिलेगा
D. पासपोर्ट बनेगा
उत्तर: B. स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार होगा
Q4. बच्चे का आधार किससे लिंक किया जाएगा?
A. माता-पिता के आधार से
B. स्कूल से
C. बैंक अकाउंट से
D. राशन कार्ड से
उत्तर: A. माता-पिता के आधार से
Q5. बाल आधार कार्ड घर पर कितने दिनों में आता है?
A. 15 दिन
B. 30 दिन
C. 60 से 90 दिन
D. 120 दिन
उत्तर: C. 60 से 90 दिन
FAQs (लोग यह भी पूछते हैं)
Q1. नवजात शिशु का आधार कार्ड कब बन सकता है?
नवजात शिशु का आधार कार्ड जन्म के एक महीने के भीतर बनवाया जा सकता है। पहले जहाँ एक साल की उम्र तक इंतजार करना पड़ता था, अब यह सुविधा जन्म के तुरंत बाद ही उपलब्ध है।
Q2. नवजात आधार कार्ड के लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए?
बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता का आधार कार्ड और पता प्रमाण जैसे दस्तावेज आवश्यक हैं। साथ ही माता-पिता का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन भी जरूरी है।
Q3. क्या नवजात का आधार कार्ड ऑनलाइन बनवाया जा सकता है?
हाँ, UIDAI की वेबसाइट से My Aadhaar → Book an Appointment सेक्शन में जाकर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
Q4. बाल आधार कार्ड से क्या फायदे हैं?
बाल आधार से बच्चों को सरकारी योजनाओं, टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सीधे उनके नाम से मिलेगा। यह डिजिटल पहचान की दिशा में एक बड़ा कदम है।
Q5. आधार कार्ड बन जाने के बाद उसे कैसे डाउनलोड करें?
आप UIDAI वेबसाइट पर जाकर Download Aadhaar सेक्शन से बच्चे का आधार ई-आधार डाउनलोड कर सकते हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
बिहार सरकार की यह योजना नवजात बच्चों के लिए डिजिटल पहचान और सरकारी लाभ का द्वार खोलती है। अब हर बच्चे की पहचान जन्म के समय से ही सुनिश्चित होगी, जिससे आधुनिक और डिजिटल भारत की दिशा में एक नया कदम बढ़ेगा।
